Skip to main content

my quran journey

019. Maryam-H

19
1.Heading 2.Ayyat 3.Sub-Heading
1. मरयम अलैहिस्सलाम पर अल्लाह के इनामात। अल्लाह से मांगने वाले महरूम नहीं रहते।
हज़रत यहया अलैहिस्सलाम की अज़मत।
हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की बगैर वालिद के मोज्ज़ाना विलादत(पैदाइश) का जिक्र।
हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की माॅं की गोद में गुफ्तगू।
हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की मोज्ज़ाना पैदाइश नहीं मानने वालों का अंजाम।
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की तरफ से हक़ की दावत अपने पिता के लिए।
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम हज़रत इसहाक़ अलैहिस्सलाम और हज़रत याकूब अलैहिस्सलाम पर अल्लाह की इनायतें।
हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम और हज़रत हारून अलैहिस्सलाम पर अल्लाह की इनायतें।
हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की तहसीन।
हज़रत इदरीस अलैहिस्सलाम का मुकामे खास।
अंबिया किराम अलैहिमुस्सलाम के रिक्क़ते क़ल्बी का बयान।
2. बुरे और अच्छे लोगों का अंजाम। नालायक उम्मतों का तर्ज़े अमल।
सालेह उम्मतियों का हसीन अंजाम।
3. हज़रत जिबरील अलैहिस्सलाम का नबी ए अकरम ﷺ से खिताब। नबी ए अकरम ﷺ की क़ुरआन करीम से मुहब्बत।
4. मुश्रिकीन ए मक्का के साथ कशमकश। क्या मरने के बाद इंसान को दोबारा ज़िन्दा किया जाएगा?
क्या मालदार लोग आखिरत में भी नवाज़े जाएंगे?
क्या माल और औलाद की कसरत अल्लाह की रज़ा की अलामत हैं।
जिन पर तकिया था वही पत्ते हवा देने लगे।
कयामत के दिन का हाल।
बदतरीन शिर्क....किसी को अल्लाह की औलाद करार देना।
नेक लोगों के लिए दुनिया में इनाम।
तबलीग का अमल क़ुरआन के ज़रिये करना चाहिये।
दुनिया में दोबारा आकर गुनाहों की तलाफ़ी नहीं हो सकती।
×