my quran journey

014. Ibrahim-H

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1.Heading 2.Ayyat 3.Sub-Heading
1. ईमान बिल रिसालत नुज़ूल ए क़ुरआन का मक़सद।
काफ़िर कौन हैं?
तबलीग़ के अव्वल मुख़ातिब ....हम ज़बान लोग।
अल्लाह का ख़ौफ़ अल्लाह के दिनों के हवाले से।
नाशुक्री से नेमत छिन जाती है।
रसूलों की अपनी क़ौमों के साथ कशमकश।
2. 2.ईमान बिल आख़िरत इख़लास से थी आमाल की मिसाल।
अल्लाह की पकड़ से डरते रहो।
दुनियादार क़ाएदीन की पैरवी बरबाद करदेगी।
शैतान की अपने पैरोकारों को मलामत।
3.हक़ और बातिल नज़रियात का मवाज़नह(तुलना)। अच्छे और बुरे नज़रियात के लिए मिसालें।
4. तौहीद ए बारी ताला। नाशुक्री करने वालों का अंजाम।
रोज़ ए क़यामत कोई लेनदेन या सिफ़ारिश काम नहीं आएगी।
अल्लाह की नेमतों को शुमार नहीं किया जा सकता।
5. हज़़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की मुनाजात। हज़़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की आजिज़ाना मुनाजात।
6. ईमान बिल आख़िरत। रोज़ ए क़यामत नाफ़रमानों का क्या हाल होगा?
अल्लाह के रसूल ﷺ इस्तेक़ामत का पहाड़ थे।
रोज़ ए क़यामत आसमान और ज़मीन बदल दिए जाएंगे।
मक़ासिदे नुज़ूल ए क़ुरआन।
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