my quran journey

010. Yunus-H

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1.Heading 2.Ayyat 3.Sub-Heading
1. IMANIYAAT Tawheed  Risalat Aur Akhirat रसूल के इंसान होने पर हैरत।
अल्लाह की आला सिफ़ात का बयान।
बुरे और भले लोगों का अंजाम।
बशरी(इंसानी) कमज़ोरियाॅं।
क़ुरआन को बदलने का मुतालबा।
शिफ़ाते बातिला का मन घढ़ंत अक़ीदा।
फ़रमाइशी मोज्ज़ा दिखाने का मुतालबा।
इंसान की अहसान फ़रामोशी।
दुनिया की ज़िन्दगी खेती की तरह है।
अल्लाह की राह ही सलामती की राह है।
मुश्रिकीन के लिए औलिया अल्लाह का कोरा जवाब।
सोंचने पर मजबूर करने वाले सवालात।
कुरआन जैसी एक सूरह ही ले आओ।
क़ुरैश के सरदारों का मकर और फ़रेब।
रसूल की आमद क़ौम के लिए नाज़ुक मरहला।
नबी-ए-अकरम ﷺ का इज़हारे आजिज़ी।
रब की कसम कयामत आकर ही रहेगी।
इंसानों के लिए सब से बड़ी नेमत : कुरआने हकीम।
हलाल और हराम करने का इख्तियार अल्लाह ही का है।
तिलावते कुरआन....... अल्लाह का महबूब अमल।
अल्लाह के दोस्त कौन हैं?
शिर्क की बुनियाद यक़ीन नहीं गुमान है।
अल्लाह को औलाद की ज़रूरत नहीं है।
2. रसूलों की अपनी कौमों के साथ कशमकश। हज़रत नूह का पुर सोज़ वाज़।
अल्लाह सरकशों के दिलों पर मोहर लगा देता है।
हज़रत मूसा ؑ और आले फ़िरऔन की कशमकश।
हक़ कुबूल करने में सबक़त नौजवान करते है।
हज़रत मूसा ؑ का क़िब्ला भी ख़ाना काबा था।
हज़रत मूसा ؑ की आले फ़िरऔन के खिलाफ बद्दुआ।
फ़िरऔन का इबरतनाक अंजाम।
बनी इस्राईल की नाशुकी।
बनी इस्राईल की राह पर मत चलो।
तौबा से अज़ाब टल जाता है..... कौम-ए-यूनुस की मिसाल।
3. ईमान और इसका हुसूल। ईमान अल्लाह के तक़्वे से मिलता है।
ईमान अल्लाह की आयात पर ग़ौर ओ फ़िक्र से हासिल होता है।
4. अल्लाह की तरफ़ से दो टोक एलान। हक़ और बातिल में समझौता नहीं हो सकता है।
नबी-ए-अकरम ﷺ की अल्लाह के सामने आजिज़ी का बयान।
क़ुरआन का दोटोक अंदाज़।
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