my quran journey

006. Al Anaam-H

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1. मुश्रिकीन-ए-मक्का, बनी इस्राईल पर इत्माम-ए-हुज्जत। सिफ़ात-ए-बारीताला का बयान।
मुश्रिकीन-ए-मक्का के लिए अज़ाब की धमकी।
नबि ﷺ की दिलजोई।
अल्लाह ताला की क़ुदरत का बयान।
नबि-ए-अकरम ﷺ की आजिज़ी का बयान।
नबि-ए-अकरम ﷺ की सदाक़त की गवाही।
शिर्क करने वाला सबसे बडा ज़ालिम है।
क़ुरैश के सरदारों का इब्रतनाक अंजाम।
दुनिया की ज़िन्दगी महज़ एक ड्रामे कि तरह है।
अल्लाह फ़रमाइशी मोज्ज़ा नही दिखाएगा।
कुदरत के मोज्ज़े चारों तरफ़ मौजूद है।
मुश्किल में सिर्फ अल्लाह ही को पुकारा जाता है।
अल्लाह आफ़तें झिंझोड़ने ,जगाने के लिए भेजता है।
मिश्रिकीन के लिए झिंझोड़ने का उसलूब।
नबि-ए-अकरम ﷺ की आजिज़ी और बेबसी का एतराफ़।
क़ुरआन से हिदायत किसे मिलेगी ?
क़ुरआन की इज़्ज़त अफ़ज़ाई का हुक्म।
मुश्रिकीन की तरफ़ से समझौते का प्रस्ताव।
अल्लाह के इल्म की वुसअत का बयान।
मौत का इत्लाक़ नींद पर भी होता है।
इंसान पूरी तरह अल्लाह के इख्तियार में है।
अल्लाह के अज़ाब की तीन सूरतें।
ग़ैरत-ए-ईमानी का तक़ाज़ा।
दीन को खेल तमाशा बनाने वालों का अंजाम ।
इजतेमाई ज़िंदगी की बरकत।
हज़रत इब्राहीम का मुश्रिकीन पर इत्मामे हुज्जत।
जो अल्लाह से डरता है वो किसी और से नही डरता।
क्या हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने भी कुछ समय के लिए शिर्क किया?
अंबिया किराम के प्यारे नामों का खूबसूरत गुलदस्ता।
शिर्क सारी नेकियों को बरबाद कर देता है।
अहले यसरिब के लिए खुशखबरी।
सारे अंबिया राहे हक़ पर थे।
2. मुश्रिकीन से बात करते हुए यहूद से खिताब। यहूद का एक और झूठ।
झूठों पर मौत की सख्तियाॅं।
कयामत के दिन सारे इनसानों का दूसरा इज्तेमा होगा।
अल्लाह की नेमतों का बयान।
तौहीद का बयान और शिर्क की नफ़ी ।
3. मुश्रिकीन से खिताब और मुसलमानों से खिताब लेकिन हुज़ूर ﷺ के ज़रिए। तौहीद का बयान और शिर्क की नफ़ी ।
अहम हिदायतें।
अहले ईमान के लिए तसल्ली।
हक़ कुबूल करने की तौफीक छीन ली जाती है।
काफ़िर मोज्ज़ा देखकर भी ईमान नहीं लाएंगे।
शैयातीन खुशनुमा बातें धोखा देने के लिए सुझातें हैं।
सिर्फ माबूदे बरहक़ ही ने आदिलाना अहकामात अता किये हैं।
अक्सरियत की पैरवी गुमराह कर देगी।
मयार-ए-हक़ शरियत है, विरासत मे मिले तसव्वुरात नहीं।
गफ़लत की ज़िन्दगी गुजारने वाला मुर्दा है।
बस्ती के सरदार बस्ती के मुजरिम बन जाते है।
कौन हिदायत पर है और कौन गुमराही पर?
इंसानों की अकसरियत नाकाम होगी।
अल्लाह किसी को नाहक़ अज़ाब नही देगा।
मश्रिकी पंडितों के मन घडंत फ़ैसले।
फलों और जानवरों में अल्लाह की कुदरत के शाहकार।
अल्लाह ने किन चीज़ों को हराम किया है?
मुश्रिकीन की एक खुशनुमा लेकिन फ़रेबकुन दलील।
तौरात के अहकामाते अश्रा की क़ुरआनी ताबीर।
नुज़ूल -ए-कुरआन....... मुश्रिकीन-ए-मक्का के लिए इत्माम-ए-हुज्जत।
अल्लाह की निशानियों को देख लेने के बाद ईमान लाना और अमल करना फ़ायदा ना देगा।
दीन के हिस्से बख़रे करने वालों से अल्लाह के रसूल ﷺ का कोई ताल्लुक नहीं।
नेकी का अज्र दस गुना मिलेंगा।
सिरात-ए-मुस्तक़ीम क्या है ?
हक़ीक़ी रब अल्लाह ही है।
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